Thursday, September 22, 2022

यदि आपमें भी है लिखने की काबिलियत, तो हमे भेजे।

यदि आपमें लिखने की काबिलियत है तो हमे आपकी प्रतिक्रिया जरूर भेजे | 

        यदि आप भी कुछ पशुपालन, संबंधित बीमारियां या रखरखाव के बारे में  लिखना चाहते है तो हमे नीचे दी गई लिंक या व्हाट्सएप पर हिंदी में लिख कर भेजे।



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Monday, September 19, 2022

श्री एस. एल. जांगू इंस्टिट्यूट ऑफ़ वेटरनरी जोधपुर द्वारा सरस डेयरी, जोधपुर का भ्रमण |

         दिंनाक 19 सितम्बर 2022 को जांगू कॉलेज, जोधपुर द्वारा सभी विद्यार्थियों को  सरस डेयरी, जोधपुर का भ्रमण हेतु ले जाया गया जहाँ पर सभी विद्यार्थियों को दूध तथा उनसे बनने वाले उत्पाद के बारे में जानकारी दी गई |

सरस डेयरी के एम. डी. व डॉ पी.डी. माथुर, भुवनेश जी माथुर व ललित जी पंवार  द्वारा  विद्यार्थियों को सामान्य दूध व पाचुरिकृत  दूध में होने वाले दूध में अंतर बताया गया 

        जिसमे डेयरी द्वारा सप्लाई किया जाने वाले दूध में किसी भी प्रकार की मिलावट नही होने की जानकारी दी गई  यह दूध पूर्ण रूप से सूक्ष्म जीव रहित होता है 


 सरस डेयरी के एम. डी. व डॉ पी.डी. माथुर व भुवनेश जी माथुर द्वारा विद्यार्थियों दूध दोहन से लगाकर दूध की पैकेजिंग होने तक की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई 


        सरस डेयरी के द्वारा दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी,दही, छाछ , लस्सी इत्यादि उत्पाद का निर्माण कर बाजार में प्रतिदिन सप्लाई की जाती है प्रतिदिन 60 हजार से 65 हजार लीटर दूध की खपत पूरा जोधपुर सिटी करती है 


        सरस डेयरी के एम. डी. द्वारा  बताया गया की हमारी डेयरी की गाडिया प्रतिदिन आस पास के सभी गावो( डेयरी द्वारा प्रमाणित ) से दूध को एकत्र किया जाता है तथा दूध का सेम्पल परीक्षण के लिए प्रयोग शाला में भेजा जाता है उसके पश्चात् दूध को आगे की प्रक्रिया के लिए डेयरी में  भेजा जाता है 

        जहाँ दूध को एक बार गर्म किया जाता है जिससे दूध में उपस्थित सारे सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है जिसके बाद उसे कूलिंग चेंबर में ठंडा किया जाता है 



पूर्ण रूप से दूध ठंडा होने के बाद दूध को पैकेजिंग के लिए भेज दिया जाता है 


-लेखन : भंवरलाल कटारिया 


श्री एस. एल. जांगू इंस्टिट्यूट ऑफ़ वेटरनरी साइंस, जोधपुर के विद्यार्थियों ने किया कन्हैया गौशाला का सर्वेक्षण |

 


     श्री एस. एल. जांगू इंस्टिट्यूट ऑफ़ वेटरनरी साइंसजोधपुर के विद्यार्थियों को कन्हैया गौशाला का भ्रमण करवाया गया।  इस गौशाला में करीब 1500 गाये हैं। सभी विद्यार्थियों को पशु रखरखाव एवं ईलाज से संबंधित जानकारी दी गई। व गाय के महत्व को बताया गया 



गौशाला के अध्यक्ष भंडारी जी ने गाय की भूमिका को समझाते हुए देशी और विदेशी गाय में अंतर को स्पष्ठ किया अध्यक्ष महोदय द्वारा बताया गया की देशी गाय के हम्प ( कूबड़ ) में सुर्यकेतु नाडी होती है जिससे अमृत का निर्माण होता है  व गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद उया केचुआ खाद का निर्माण होता है 


गौशाला में दूध, दही, घी , पनीर  व खाद से सालाना चार करोड़ का फायदा होता है 


गौशाला द्वारा संचालित पंचगव्य हर्बल चिकित्सालय में गाय के माध्यम, से बी पी , डायबिटीज जेसी कई बीमारियों का इलाज किया जाता है वो भी देशी गाय में माध्यम से |


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