श्री एस.
एल. जांगू इंस्टिट्यूट ऑफ़ वेटरनरी साइंस, जोधपुर के विद्यार्थियों को कन्हैया गौशाला का भ्रमण
करवाया गया। इस गौशाला
में करीब 1500 गाये हैं।
सभी विद्यार्थियों को पशु रखरखाव एवं ईलाज से संबंधित जानकारी दी गई। व गाय के महत्व को बताया गया
गौशाला के अध्यक्ष भंडारी जी ने गाय की भूमिका को समझाते हुए देशी और विदेशी गाय में अंतर को स्पष्ठ किया अध्यक्ष महोदय द्वारा बताया गया की देशी गाय के हम्प ( कूबड़ ) में सुर्यकेतु नाडी होती है जिससे अमृत का निर्माण होता है व गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद उया केचुआ खाद का निर्माण होता है
गौशाला में दूध, दही, घी , पनीर व खाद से सालाना चार करोड़ का फायदा होता है
गौशाला द्वारा संचालित पंचगव्य हर्बल चिकित्सालय में गाय के माध्यम, से बी पी , डायबिटीज जेसी कई बीमारियों का इलाज किया जाता है वो भी देशी गाय में माध्यम से |



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